Bank FD: बीते कुछ सालों में महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ी है, उसने पारंपरिक बैंक FD की असली कमाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं. FD आज भी सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन टैक्स और महंगाई के बाद जो नेट रिटर्न हाथ में आता है, वह कई निवेशकों को निराश करता है. इसी वजह से अब एक ऐसा सेविंग प्लान चर्चा में है, जिसे लोग FD से आगे मान रहे हैं क्योंकि इसका रिटर्न लंबी अवधि में ज्यादा असरदार साबित हो रहा है.

Bank FD बनाम नया सेविंग प्लान
FD में आमतौर पर 6 से 7.5 प्रतिशत के आसपास ब्याज मिलता है, और उस पर भी टैक्स देना पड़ता है. यानी अगर आपकी FD 7 प्रतिशत दे रही है, तो टैक्स कटने के बाद असली रिटर्न इससे कम हो जाता है. वहीं यह नया सेविंग प्लान मार्केट-लिंक्ड होता है, जहां लंबी अवधि में 10 से 14 प्रतिशत तक का औसत रिटर्न देखने को मिला है. यही अंतर इसे FD से आगे खड़ा करता है.
रिटर्न कैसे बेहतर बनता है
इस प्लान की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग है. हर साल मिलने वाला रिटर्न अगले साल के निवेश में जुड़ता चला जाता है. अगर कोई व्यक्ति हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम लगातार निवेश करता है, तो 10–15 साल में वही पैसा FD के मुकाबले कई गुना बढ़ सकता है. यहां फायदा एक-दो साल में नहीं, बल्कि समय के साथ साफ दिखाई देता है.
रिस्क फैक्टर कितना है
FD पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है, जबकि यह सेविंग प्लान मार्केट से जुड़ा होने के कारण पूरी तरह risk-free नहीं होता. हालांकि इसे इस तरह डिजाइन किया जाता है कि जोखिम धीरे-धीरे संतुलित हो जाए. लंबी अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है और रिटर्न स्थिर होने लगता है. यही वजह है कि इसे short-term नहीं, बल्कि long-term wealth creation के लिए बेहतर माना जाता है.
टैक्स के मामले में फायदा
FD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है. वहीं इस सेविंग प्लान में टैक्स की स्ट्रक्चर ज्यादा efficient मानी जाती है. लंबी अवधि के निवेश पर टैक्स बोझ कम पड़ता है, जिससे नेट रिटर्न और मजबूत बन जाता है. यही कारण है कि टैक्स के बाद भी इसका रिटर्न FD से आगे निकल जाता है.
किसके लिए सही है ये प्लान
यह सेविंग प्लान उन लोगों के लिए ज्यादा सही माना जाता है जो हर महीने थोड़ा निवेश कर सकते हैं और पैसा 10–15 साल तक नहीं छेड़ना चाहते. बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट या भविष्य की बड़ी जरूरतों के लिए यह तरीका ज्यादा असरदार साबित हो सकता है. जो लोग पूरी तरह zero-risk चाहते हैं, उनके लिए FD अभी भी सही है, लेकिन जो लोग बेहतर रिटर्न के साथ थोड़ा जोखिम लेने को तैयार हैं, उनके लिए यह प्लान ज्यादा फायदेमंद बन रहा है.